गाजीपुर। 18 फरवरी को गाजीपुर के पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद प्रदेश की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
दिलचस्प बात यह रही कि उसी दिन देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत से लखनऊ में हुई। दोनों मुलाकातों की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक विश्लेषक कई तरह के संकेत तलाश रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन रणनीतिक बैठकों और समीकरणों का दौर शुरू हो चुका है। राधेमोहन सिंह की संगठन में पकड़ और गाजीपुर में सक्रियता को इस संदर्भ में देखा जा रहा है।
भाजपा आमतौर पर बड़े चुनावों से पहले संगठन और सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करती है। ऐसे में योगी और संघ प्रमुख की मुलाकात को भी व्यापक राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया गया है।
क्या भाजपा 2027 में गाजीपुर से बड़ा चेहरा उतारने की तैयारी में है? या यह केवल सामान्य राजनीतिक संवाद है? फिलहाल इस पर अटकलें जारी हैं, लेकिन 18 फरवरी की इन बैठकों ने राजनीतिक हलकों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।










