गाजीपुर। भांवरकोल विकासखंड क्षेत्र के श्रीपुर गांव में श्रद्धा, संघर्ष और सामूहिक शक्ति से निर्मित भव्य शिव मंदिर अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। गांव की आस्था ने इतिहास रच दिया है और महाशिवरात्रि पर होने वाली प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पूर्व बुधवार को भव्य और दिव्य कलश यात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ सैकड़ों श्रद्धालु श्रीपुर से कोटवा नारायनपुर गंगा घाट पहुँचे। वहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पवित्र गंगा जल कलशों में भरकर भक्ति भाव से मंदिर परिसर तक लाया गया। पूरे मार्ग पर भगवा ध्वज लहराते रहे और वातावरण शिवमय बना रहा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, महाशिवरात्रि (रविवार) के दिन वैदिक मंत्रोच्चारण, धार्मिक अनुष्ठान और विद्वान आचार्यों की उपस्थिति में भव्य प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है और व्यापक तैयारियां चल रही हैं।
इसके अगले दिन सोमवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। ग्रामीण इसे आस्था और आपसी भाईचारे का महापर्व मान रहे हैं।
गौरतलब है कि इस शिव मंदिर का शिलान्यास 12 अक्टूबर 2024 को श्रद्धा और मंगलकामना के साथ रेनूबाला राय पत्नी अरुण राय और दिनेश शर्मा पुत्र छट्टु शर्मा के कर-कमलों द्वारा किया गया था। इसके बाद से ग्रामीणों ने तन-मन-धन से सहयोग कर इस मंदिर को भव्य रूप दिया।
आज यह मंदिर केवल ईंट-पत्थरों की संरचना नहीं, बल्कि श्रीपुर की आस्था, एकता और संस्कृति का प्रतीक बन चुका है। महाशिवरात्रि पर होने वाला यह आयोजन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पल होगा।











