आनंद राय ‘मुन्ना’ की अगुवाई में भांवरकोल में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, शहीदों की धरती पर गूंजा राष्ट्रभक्ति का जयघोष….

भांवरकोल (गाजीपुर)। स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत समेटे भांवरकोल की धरती मंगलवार को राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। भांवरकोल द्वितीय मंडल के तत्वावधान में निकली भव्य तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में युवा, भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्रीय नागरिक शामिल हुए। हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

तिरंगा यात्रा की शुरुआत शेरपुर खुर्द स्थित शहीद स्थल से हुई। बाइक और वाहनों के काफिले के साथ आगे बढ़ी यात्रा विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए शेरपुर कला स्थित अष्ट शहीद पार्क पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने तिरंगा यात्रा का स्वागत किया और शहीदों के सम्मान में अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

कार्यक्रम में भाजपा नेता आनंद राय ‘मुन्ना’ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रहे। उनके साथ मंडल अध्यक्ष रोशन कुशवाहा, मंडल महामंत्री ओमप्रकाश राय, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष सतीश चंद्र राय समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।शहीदों की धरती से निकला संदेश……

तिरंगा यात्रा का सबसे खास पहलू यह रहा कि इसकी शुरुआत और समापन दोनों ऐसे स्थानों पर हुआ, जो क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों की स्मृतियों से जुड़े हैं। शेरपुर के अष्ट शहीदों का बलिदान आज भी क्षेत्र के लोगों के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।

यात्रा में शामिल युवाओं के हाथों में तिरंगा और जुबां पर ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ के नारे रहे। बाइक सवारों की लंबी कतार और तिरंगे की लहराती छटा ने पूरे माहौल को देशभक्ति से भर दिया।

युवाओं की भागीदारी ने बढ़ाया उत्साह…..

यात्रा में युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ तिरंगा लेकर यात्रा में आगे बढ़ते रहे। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने भी यात्रा को देखकर देशभक्ति के नारों के साथ उत्साह बढ़ाया।

आयोजकों ने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य केवल राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करना ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के त्याग से परिचित कराना भी है।अष्ट शहीदों की स्मृति को संजोने पर जोर…..

शेरपुर कला स्थित अष्ट शहीद पार्क में पहुंचने के बाद शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि आजादी हमें शहीदों के त्याग और संघर्ष की बदौलत मिली है। इसलिए उनके स्मारकों और ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित रखना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।

तिरंगा यात्रा ने भांवरकोल क्षेत्र में एक बार फिर स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली स्मृतियों को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और देश के सम्मान को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया।

शहीदों की धरती से निकली यह तिरंगा यात्रा केवल सड़कों पर निकला कारवां नहीं रही, बल्कि नई पीढ़ी को देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों की गाथा याद कराने का संदेश भी दे गई।

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