भांवरकोल (गाजीपुर)। विकासखंड भांवरकोल के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) रवीन्द्र सिंह की सख्त कार्यशैली इन दिनों शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है। लगातार हो रहे औचक विद्यालय निरीक्षणों से शिक्षकों में जवाबदेही बढ़ी है, वहीं लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई भी शुरू हो गई है।
बीईओ रवीन्द्र सिंह बिना पूर्व सूचना के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण कर समय पालन, छात्र उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था, अभिलेखों के रखरखाव, मध्याह्न भोजन और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की गहन जांच कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान जहां भी कमियां मिल रही हैं, वहां संबंधित शिक्षकों एवं कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।
इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय खरडीहा प्रथम के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के अनुसार, 25 जुलाई 2026 को पूर्वाह्न 11:41 बजे निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक विद्यालय परिसर से बाहर रेवसड़ा मार्ग पर मिले, जिसे टाइम एंड मोशन का उल्लंघन माना गया। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि उन्होंने जिस विद्यालय में जाने की मौखिक जानकारी दी थी, वहां भी उनकी उपस्थिति नहीं मिली।
वहीं इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए प्रधानाध्यापक संजीव कुमार पांडेय ने बताया कि ऐसा कुछ नहीं है बीईओ साहब अध्यापकों को परेशान करने के लिए बहाना ढूंढ़ते रहते हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी ने नोटिस में यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि प्राथमिक विद्यालय खरडीहा प्रथम के अतिरिक्त उच्च प्राथमिक विद्यालय दहिनवर, उच्च प्राथमिक विद्यालय मसौनी तथा प्राथमिक विद्यालय खरडीहा द्वितीय के एसएमसी एवं एमडीएम खातों का संचालन वे किस आदेश के तहत कर रहे हैं। इस संबंध में तीन कार्य दिवस के भीतर समस्त वित्तीय अभिलेख, बिल एवं वाउचर सहित कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस में यह आरोप भी दर्ज है कि निरीक्षण के दौरान विद्यालय में मौजूद शैक्षिक स्टाफ द्वारा निरीक्षण कार्य में अपेक्षित सहयोग नहीं किया गया तथा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई।
बीईओ रवीन्द्र सिंह की लगातार सख्ती के चलते विकासखंड के विद्यालयों में समयपालन, अनुशासन और शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर गंभीरता बढ़ी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की नियमित मॉनिटरिंग से सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनेगी।










