गाजीपुर/मुहम्मदाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजीपुर जनपद के मुहम्मदाबाद स्थित यूसुफपुर कृषि मंडी समिति मैदान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विकास, कानून-व्यवस्था, माफिया विरोधी अभियान और पूर्वांचल की राजनीति को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। मुख्यमंत्री ने गाजीपुर के लिए 692 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही अपने संबोधन में माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब अपराध और अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं है।
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके भाषण में कानून-व्यवस्था, सुशासन, विकास और राजनीतिक संदेश प्रमुख रूप से दिखाई दिए। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने यह संदेश यूसुफपुर की धरती से दिया, जो कभी पूर्वांचल की राजनीति और माफिया गतिविधियों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र रहा है।
692 करोड़ की परियोजनाओं से गाजीपुर को मिली विकास की नई रफ्तार……
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के प्रत्येक जिले का समान रूप से विकास कर रही है और गाजीपुर भी विकास की इस यात्रा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनपद को 692 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी।
इन परियोजनाओं में गाजीपुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के प्रथम एवं द्वितीय चरण का लोकार्पण, मनिहारी-जखनियां-फद्दोपुर मार्ग का निर्माण, भांवरकोल विकासखंड के गोड़उर गांव में राजकीय आईटीआई की स्थापना, ड्रग वेयरहाउस का लोकार्पण, पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य और सड़क परियोजनाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में सरकार लगातार निवेश कर रही है, जिससे गाजीपुर का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को शक्तिनगर तक जोड़ने की घोषणा…….
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को चंदौली, वाराणसी होते हुए शक्तिनगर तक जोड़ने की दिशा में कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि इससे पूर्वांचल के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी तथा व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उन्होंने बताया कि पहले ही 225 करोड़ रुपये की लागत से महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना, छह पशु चिकित्सालय भवन, पर्यटन विकास कार्य, बाढ़ सुरक्षा योजनाएं, चार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शैक्षणिक ब्लॉक एवं छात्रावास, पुलिस बैरक, मॉडल कंपोजिट विद्यालय तथा अमृत योजना के अंतर्गत पेयजल एवं सीवरेज परियोजनाओं का कार्य कराया जा चुका है।
माफियाओं पर सबसे तीखा हमला………
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पूरे भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा माफियाओं के खिलाफ उनकी टिप्पणी रही। उन्होंने कहा कि एक समय गाजीपुर माफियाओं के आतंक से प्रभावित था। गरीबों, व्यापारियों और आम नागरिकों का शोषण कर अपराधियों ने अपना साम्राज्य खड़ा कर लिया था, लेकिन उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही अपराधियों और उनके राजनीतिक संरक्षण देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई शुरू की।
मुख्यमंत्री ने अपने पुराने बयान “माफिया को मिट्टी में मिला देंगे” का उल्लेख करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में अपराधियों का मनोबल पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने कहा कि पहले त्योहारों, मेलों और सार्वजनिक आयोजनों में लोगों के मन में भय रहता था, लेकिन आज प्रदेश का माहौल पूरी तरह बदल चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और अब कोई भी अपराधी कानून से ऊपर नहीं है।
भाजपा के पूर्व विधायक स्व. कृष्णानंद राय किया उल्लेख…….
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में पूर्व विधायक स्वर्गीय कृष्णानंद राय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माफियाओं के खिलाफ संघर्ष करने वाले कृष्णानंद राय को उस समय सत्ता संरक्षण प्राप्त अपराधियों ने निशाना बनाया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में परिस्थितियां बदल चुकी हैं और सरकार अपराधियों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मुख्यमंत्री का यह बयान पूर्वांचल की राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कृष्णानंद राय हत्याकांड लंबे समय से क्षेत्र की राजनीति का प्रमुख मुद्दा रहा है।
जनता से विकास आधारित राजनीति का समर्थन करने की अपील….
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मतदाताओं से भी अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक अपील की। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे जनप्रतिनिधियों का चुनाव करे जो विकास करें, रोजगार बढ़ाएं और समाज को आगे ले जाएं, न कि भय, अवैध गतिविधियों और अपराध की राजनीति करें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब विकास चाहती है और उत्तर प्रदेश अब अपराध नहीं बल्कि निवेश, उद्योग, शिक्षा और रोजगार के लिए पहचाना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के इस बयान को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनका संकेत गाजीपुर की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और हाल के घटनाक्रम की ओर था।
धार्मिक आस्था का भी दिया संदेश…..
सावन माह के प्रथम दिन आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने धार्मिक भावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने सभी शिवभक्तों से भगवान मार्कण्डेय महादेव सहित प्रदेश के सभी शिवालयों में जलाभिषेक कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराएं समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं तथा प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।
विकास, सुशासन और कानून व्यवस्था पर रहा पूरा फोकस…..
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यूसुफपुर का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर उन्होंने गाजीपुर को सैकड़ों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देकर जिले के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था, माफिया विरोधी अभियान और सुशासन को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट की।
अपने पूरे संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि उत्तर प्रदेश अब भय और अपराध की राजनीति से आगे बढ़कर विकास, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूसुफपुर की जनसभा में मुख्यमंत्री का संबोधन मुख्य रूप से विकास, माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जनता से विकास आधारित राजनीति का समर्थन करने की अपील जैसे तीन प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहा।










