भांवरकोल (गाजीपुर)। शौर्य और बलिदान की पहचान बन चुके शेरपुर गांव के लिए एक और गर्व का क्षण सामने आया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 159वीं बटालियन में तैनात असिस्टेंट कमांडेंट प्रेम शंकर राय को नक्सल विरोधी अभियान में असाधारण वीरता और नेतृत्व क्षमता के प्रदर्शन के लिए वीरता पुरस्कार (गैलेंट्री अवार्ड) हेतु नामित किया गया है।
बताया जा रहा है कि 29 मार्च 2025 को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नेड़ुम-उपमपल्ली जंगल क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने 17 नक्सलियों को मार गिराया था। इस अभियान में उत्कृष्ट साहस, रणनीतिक कौशल और नेतृत्व का परिचय देने वाले सात जवानों को पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री (PMG) के लिए चुना गया है, जिनमें प्रेम शंकर राय का नाम भी शामिल है।
प्रेम शंकर राय वीरता की उसी परंपरा के वाहक हैं, जिसकी नींव उनके पिता अमर शहीद विजय शंकर राय ने रखी थी। सीआरपीएफ में सेवारत विजय शंकर राय 18 जुलाई 1992 को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनकी अद्वितीय बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया था।
सीआरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, सुकमा अभियान की सफलता में प्रेम शंकर राय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। इससे पहले भी उन्हें उत्कृष्ट सेवा और बहादुरी के लिए महानिदेशक प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया जा चुका है।
प्रेम शंकर राय की यह उपलब्धि न केवल शेरपुर गांव बल्कि पूरे गाजीपुर जनपद के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय बनी हुई है। क्षेत्रवासियों में उनके चयन को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल है।










