सांसद अफजाल अंसारी के जन्मदिन पर मिला बड़ा तोहफा, हाईकोर्ट के आदेश पर 24 बीघे जमीन और फार्म हाउस कुर्की से मुक्त

गाजीपुर। पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ राजनीतिक नेता गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी के 73 वें जन्मदिन पर उन्हें बड़ी प्रशासनिक राहत मिली है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में मोहम्मदाबाद तहसील प्रशासन ने भांवरकोल क्षेत्र के माचा और शकरपुर मौजा स्थित पूर्व में कुर्क की गई संपत्ति को कुर्की से मुक्त कर दिया। अभिलेखीय और स्थलीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित संपत्ति की सुपुर्दगी अफजाल अंसारी की बेटी नूरिया अंसारी को कर दी गई।

तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद वर्ष 2022 से प्रशासनिक नियंत्रण में रही करीब 24 बीघे कृषि भूमि और फार्म हाउस अब पूर्व की कुर्की कार्रवाई से मुक्त हो गया है। प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई पूरी तरह उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई कार्रवाई……

मोहम्मदाबाद तहसील प्रशासन ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर यह प्रक्रिया पूरी की। तहसीलदार महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में माचा और शकरपुर मौजा स्थित संबंधित भूमि को पूर्व की कुर्की कार्रवाई से मुक्त कराया गया है।

प्रशासन की ओर से अभिलेखों का परीक्षण करने के साथ ही स्थलीय प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद संपत्ति की सुपुर्दगी नूरिया अंसारी को कर दी गई। तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई के साथ ही संबंधित संपत्ति पर पूर्व में लागू कुर्की की कार्रवाई समाप्त हो गई।करीब 24 बीघे जमीन और फार्म हाउस हुआ था कुर्क……

भांवरकोल क्षेत्र में स्थित यह संपत्ति वर्ष 2022 में गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुर्क की गई थी। इसमें करीब 24 बीघे यानी 1.370 हेक्टेयर कृषि भूमि के साथ एक फार्म हाउस शामिल था। उस समय प्रशासन ने पूरी संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई थी।

अभिलेखों के अनुसार संबंधित जमीन अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी और उनकी बेटियों नुसरत, मारिया तथा नूरिया अंसारी के नाम दर्ज थी। कुर्की की कार्रवाई के बाद संपत्ति प्रशासनिक नियंत्रण में चली गई थी।

2022 में अलग-अलग चरणों में हुई थी कार्रवाई……

अफजाल अंसारी से जुड़ी संपत्तियों के खिलाफ वर्ष 2022 में प्रशासन ने अलग-अलग चरणों में कार्रवाई की थी। पूर्व की रिपोर्टों के मुताबिक 24 जुलाई 2022 को माचा, धनेठा, नरसिंहपुर और खरडीहा में करीब 14.90 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की गई थीं।

इसके बाद 19 अगस्त 2022 को माचा स्थित फार्म हाउस और उससे जुड़ी जमीन पर भी प्रशासन ने कार्रवाई की थी। उस समय संबंधित संपत्ति की कीमत करीब 12.35 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

वहीं, शक्करपुर मौजा स्थित संपत्ति को लेकर भी बाद में न्यायिक प्रक्रिया चली। इसी न्यायिक प्रक्रिया के क्रम में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब तहसील प्रशासन ने संबंधित संपत्ति को पूर्व की कुर्की कार्रवाई से मुक्त कर दिया है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद बदली स्थिति…….

संपत्ति की कुर्की और उसके बाद चली न्यायिक प्रक्रिया के बीच अब हाईकोर्ट के आदेश ने पूरे मामले में महत्वपूर्ण मोड़ ला दिया। आदेश के अनुपालन में तहसील प्रशासन ने संबंधित भूमि को कुर्की से मुक्त करने की प्रक्रिया पूरी की और नूरिया अंसारी को संपत्ति की सुपुर्दगी कर दी।

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान आवश्यक अभिलेखीय औपचारिकताओं के साथ मौके की स्थिति का भी सत्यापन किया गया।

जन्मदिन पर मिली प्रशासनिक राहत……

अफजाल अंसारी का जन्म 14 अगस्त 1953 को गाजीपुर के यूसुफपुर में हुआ था। शुक्रवार को उनका 73वां जन्मदिन था। ऐसे में जन्मदिन के मौके पर ही वर्ष 2022 में कुर्क की गई संपत्ति के हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुक्त होने को उनके लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

करीब चार वर्ष तक प्रशासनिक नियंत्रण में रही संपत्ति को अब न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कुर्की से मुक्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई ने वर्ष 2022 में हुई संपत्ति कुर्की की कार्रवाई से जुड़े घटनाक्रम को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

इस तरह वर्ष 2022 में कुर्क की गई संपत्ति पर चली लंबी प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया के बाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अब संपत्ति को पूर्व की कुर्की कार्रवाई से मुक्त कर दिया गया है।

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