रिपोर्ट:- अजय यादव गाजीपुर। भांवरकोल क्षेत्र के मनिया गांव में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित विजय नाथ त्रिपाठी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथा के दौरान आचार्य विजय नाथ त्रिपाठी ने कहा कि जब-जब धरती पर अन्याय और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारियों का नाश करने और धर्म की रक्षा के लिए पृथ्वी पर जन्म लिया था।
कथावाचन के दौरान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और मथुरा से गोकुल गमन की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आते ही पूरा पंडाल “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। भक्तजन भक्ति में लीन होकर झूमने-नाचने लगे और एक-दूसरे को श्रीकृष्ण जन्म की बधाई दी।
इससे पूर्व कथा में वसुदेव-देवकी विवाह प्रसंग का भी विस्तार से वर्णन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य यजमान भावनाथ पांडेय, धनमुखी पांडेय, अजय पांडेय, शिवम पांडेय, ऋषभ, संजय, आदर्श पांडेय, नेहा तिवारी, सुधा उपाध्याय, उमा पांडेय, इंद्रा पांडेय, अभिमन्यु गुप्ता, संजय प्रजापति, जयशंकर प्रसाद, चंदन ठाकुर, साधु सिंह, रामसूरत यादव सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।










