भांवरकोल। स्थानीय विकास खंड भांवरकोल के शेरपुर कलां गांव की मुख्य सड़क इन दिनों अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। यह सड़क अब पूरी तरह उखड़कर गहरे गड्ढों, मलबे और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर जलभराव हो गया है, जिससे हर दिन हादसे का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग अब सड़क कम और दलदल ज्यादा दिखाई देता है।
यह महत्वपूर्ण मार्ग जयप्रकाश राय (पूर्व प्रधान) के डेरे से गांव की मुख्य बस्ती, मल्लाह टोला, पुराने पंचायत भवन, लल्लन राय (पूर्व प्रधान) के डेरे होते हुए रामलीला मेला स्थल तक जाता है। इसी रास्ते से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण, स्कूली बच्चे, किसान, महिलाएं और बुजुर्ग आवागमन करते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से राहगीरों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा तक नहीं लग पाता, जिससे आए दिन बाइक सवार फिसलकर घायल हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और बच्चों को स्कूल भेजने में सबसे अधिक परेशानी हो रही है। बरसात के दिनों में एंबुलेंस और अन्य वाहनों का गांव तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से सड़क की मरम्मत की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस जर्जर सड़क का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके तथा किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।










