गाजीपुर। मुहम्मदाबाद क्षेत्र के फिरोजपुर गांव स्थित गंगा तट पर कटान रोकने के लिए बनाई गई बोल्डर पिचिंग (ठोकर) अब क्षतिग्रस्त हो चुकी है। देखरेख के अभाव और गंगा के तेज प्रवाह के कारण इस ठोकर के कई हिस्से टूटकर बिखर गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई, तो आगामी बरसात में फिरोजपुर समेत आसपास के कई तटवर्ती गांवों को गंगा कटान से भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार शासन द्वारा लगभग तीन वर्ष पूर्व एनएच-31 के पास फिरोजपुर गांव के गंगा तट पर करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में बोल्डर पिचिंग का निर्माण कराया गया था। इसका उद्देश्य गंगा के तेज बहाव से होने वाले कटान को रोकना और तटवर्ती आबादी व खेतों की सुरक्षा करना था। ठोकर के दोनों किनारों को मजबूत बनाने और बाढ़ के समय तेज धारा से बचाव के लिए वहां जियो ट्यूब भी लगाए गए थे, जिनमें बालू भरकर सुरक्षा कवच तैयार किया गया था।
करीब दो वर्ष पहले प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने भी इस निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण में सामने आई कुछ खामियों को दूर करने और नियमित रूप से इसके रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे।
इसके बावजूद समय के साथ गंगा की बाढ़ और तेज धारा के कारण ठोकर के कई हिस्सों में लगे बोल्डर उखड़कर बिखर गए हैं। वहीं सुरक्षा के लिए लगाए गए जियो ट्यूब भी अब क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इनमें भरी बालू बह जाने के कारण ये ट्यूब अब प्रभावी नहीं रह गए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पहले यह ठोकर गंगा कटान से गांव को काफी हद तक सुरक्षित रखती थी, लेकिन अब इसकी स्थिति खराब हो जाने से खतरा बढ़ गया है। यदि समय रहते मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ, तो बरसात के मौसम में गंगा की धारा सीधे गांव की ओर बढ़ सकती है, जिससे खेतों और आबादी दोनों को नुकसान होने की आशंका है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त बोल्डर पिचिंग की मरम्मत कराई जाए और जियो ट्यूब को दोबारा मजबूत किया जाए, ताकि गंगा कटान से फिरोजपुर और आसपास के गांवों को सुरक्षित रखा जा सके।










