गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड (दर्पण) आधारित समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, विकास कार्यों और राजस्व मामलों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान डीएम ने सभी विभागों को अपने-अपने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
आईजीआरएस (जन शिकायत निस्तारण प्रणाली) की समीक्षा में प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। बाल विकास परियोजना अधिकारी करंडा, जिला पंचायत राज अधिकारी गाजीपुर, उपजिलाधिकारी जखनियां, तहसीलदार जखनियां, बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी गाजीपुर तथा प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गाजीपुर के आईजीआरएस में डिफाल्टर पाए जाने और रैंकिंग खराब होने पर स्पष्टीकरण तलब करते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
वहीं अधीक्षण अभियंता, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड गाजीपुर के विरुद्ध आईजीआरएस में डिफाल्टर एवं घोर लापरवाही पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आईजीआरएस में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी समयबद्ध ढंग से शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में डीएम ने विभागीय योजनाओं की मासिक प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाया जाए और कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित न रहे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज, अर्थ एवं संख्याधिकारी सहित समस्त खंड विकास अधिकारी एवं संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।










