भांवरकोल। विकास खंड क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिर, वीरपुर की बदहाल व्यवस्था स्वच्छ भारत मिशन के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। केंद्र परिसर में जलभराव, झाड़-झंखाड़, ऊंची घास और लंबे कुश उग आने से मरीजों व ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भवन तक पहुंचने के लिए लोगों को ईंटों के सहारे चलना पड़ता है, जिससे फिसलकर हादसे की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में केंद्र तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है। निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अल्पना केंद्र पर मौजूद मिलीं, जबकि एएनएम रीता देवी वहां नहीं थीं। बताया गया कि वह दूसरे केंद्र पर गई थीं।
केंद्र परिसर में लगा सरकारी सबमर्सिबल भी बिजली का तार कट जाने के कारण लंबे समय से बंद पड़ा है, जिससे मरीजों और तीमारदारों को पेयजल के लिए बाहर जाना पड़ता है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि तार कटने के कारण समस्या उत्पन्न हुई है और जल्द ही इसे ठीक कराया जाएगा। वहीं, परिसर में जलभराव की समस्या पर उन्होंने बताया कि मिट्टी उपलब्ध होते ही परिसर को ऊंचा कराया जाएगा।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से परिसर की साफ-सफाई, जलनिकासी और पेयजल व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।










