*सीएम योगी के बयान पर पशुपालकों की प्रतिक्रिया, बोले गौवंश बचाने के लिए किसानों को भी मिले सुविधाएं…*

गाजीपुर। कानपुर में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोवंश संरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर पशुपालकों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग गाय का दूध तो पीते हैं, लेकिन बाद में उन्हें बेसहारा छोड़ देते हैं। यही पशु फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं और फिर लोग सरकार को दोष देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि गोमाता की रक्षा की जाएगी और उन्हें कटने नहीं दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री के इस बयान पर पशुपालकों ने कहा कि वे भी गोवंश संरक्षण के पक्षधर हैं और नहीं चाहते कि किसी भी गौवंश की हत्या हो। हालांकि, उनका कहना है कि सरकार को पशुपालकों की समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

पशुपालकों ने बताया कि आज भी अधिकांश ब्लॉक स्तर पर पशु चिकित्सकों की कमी है। उन्नत नस्ल के पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण सीमन आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में कठिनाई होती है।

उन्होंने कहा कि गांवों में दूध का मूल्य आज भी लगभग 35 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है, जबकि बाजार में पैकेज्ड पानी की कीमत 20 रुपये प्रति लीटर तक है। ऐसे में पशुपालकों को उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

पशुपालकों का सुझाव है कि सरकार सेक्स सीमन पर अधिक सब्सिडी देकर उसे किसानों के लिए सुलभ बनाए। उनका कहना है कि इससे 90 प्रतिशत तक बछिया या पड़िया पैदा होने की संभावना रहती है, जिससे नर पशुओं की संख्या में कमी आएगी और बेसहारा गोवंश की समस्या भी काफी हद तक नियंत्रित हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गौशालाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन यदि पशुपालकों को सस्ती दरों पर उन्नत नस्ल के सीमन और बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो गोवंश संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय भी बढ़ाई जा सकती है।

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