गाजीपुर। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना एक पत्रकार को भारी पड़ता दिख रहा है। करंडा विकास खंड अंतर्गत ग्राम सभा सुआपुर में मनरेगा योजना में कथित भ्रष्टाचार और मानक विहीन कार्यों का खुलासा करने वाले पत्रकार अमित उपाध्याय को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
पीड़ित पत्रकार के अनुसार, ग्राम प्रधान पति ओमप्रकाश सोनकर ने 20 नवंबर 2025 को खुलेआम हमला करते हुए 25 नवंबर 2025 तक हाथ-पैर तुड़वाने और जान से मारने की धमकी दी थी। इस संबंध में थाना करंडा में अपराध संख्या 0218/25 दर्ज किया गया है। बावजूद इसके, पत्रकार का आरोप है कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लगातार उनकी रेकी की जा रही है, पीछा किया जा रहा है तथा विश्वसनीय सूत्रों से हत्या की साजिश की जानकारी मिल रही है।
सूत्रों के अनुसार, खुलेआम यह कहा जा रहा है कि यदि पत्रकार अमित उपाध्याय जांच में शामिल होने जाएंगे तो उन्हें रास्ते से हटा दिया जाएगा और कोई सुराग नहीं मिलेगा। इन धमकियों से पत्रकार और उनका परिवार गहरे भय में है।

जिलाधिकारी गाजीपुर के निर्देश पर उपायुक्त (श्रम एवं रोजगार) द्वारा 19 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे स्थलीय जांच निर्धारित की गई है, जिसमें पत्रकार की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि जांच के दिन कोई गंभीर अप्रिय घटना हो सकती है।
पत्रकार ने थानाध्यक्ष करंडा, क्षेत्राधिकारी नगर, पुलिस अधीक्षक गाजीपुर एवं जिलाधिकारी गाजीपुर को लिखित आवेदन देकर जांच स्थल पर पर्याप्त सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती, पूर्व सुरक्षा व्यवस्था एवं निवारक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई और कोई घटना घटित होती है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की होगी, तथा वे सक्षम न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर प्रकरण को कितनी संवेदनशीलता से लेता है और पत्रकार की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।










