भांवरकोल। विकासखंड परिसर में संचालित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुखडेहरा में प्रसव के बाद महिला को डिस्चार्ज करने के नाम पर रुपये मांगने का मामला सामने आया है। प्रसूता के परिजन ने तैनात महिला डॉक्टरों पर 4 हजार मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्राम एवं पोस्ट सुखडेहरा निवासी रोली देवी का नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुखडेहरा में प्रसव हुआ। परिजन हरेंद्र यादव, पुत्र स्व. मिठ्ठू यादव, का आरोप है कि प्रसव के बाद महिला को डिस्चार्ज करने के नाम पर अस्पताल में तैनात महिला डॉक्टरों ने चार हजार रुपये की मांग की।
हरेंद्र यादव के अनुसार, उन्होंने तत्काल एक हजार रुपये दे दिए, लेकिन इसके बाद उनसे शेष तीन हजार रुपये की मांग की जाने लगी। उनका आरोप है कि जब उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो अस्पताल कर्मियों ने आनन-फानन में प्रसूता को डिस्चार्ज कर दिया।
विकासखंड परिसर में अस्पताल, फिर भी सवालों के घेरे में व्यवस्था…..
परिजन ने इस पूरे मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल भांवरकोल विकासखंड परिसर में ही स्थित है, जहां प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नियमित रूप से मौजूद रहते हैं। इसके बावजूद यदि प्रसव के बाद डिस्चार्ज के नाम पर गरीब परिवार से रुपये मांगे जा रहे हैं तो यह बेहद गंभीर विषय है।
हरेंद्र यादव ने मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, रुपये मांगने के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग या संबंधित चिकित्सकों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
इस संबंध में एसीएमओ डॉ. रामकुमार से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।










